जन प्रतिभागिता

चण्डीगढ़ प्रशासन ने सार्वजनिक मामलों में विविध विशेषज्ञता एवं अनुभव वाले विषय विशेषज्ञों को साथ लेकर एक परामर्शी प्रक्रिया तैयार की है, जिससे कि सरकार के समस्त निर्णयों में समाज के सभी वर्गों की आवश्यंकताओं का ध्यान रखा जा सके। इस प्रकार की पहल से नागरिकों में प्रशासन के निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने की भावना आई है और इससे पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है।

चण्डीगढ़ परिप्रेक्ष्य

शहर की मूलभूत प्रकृति को संरक्षित रखने और ली-कार्बूजिए के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की प्रतिभागिता के दृष्टिगत चण्डीगढ़ पर्सपेक्टिव का गठन निम्नलिखित उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया :

  1. चण्डीगढ़ शहर के आर्किटेक्चर एवं योजना से संबंधित सम्मेलन, संगोष्ठियां, व्याख्यान, प्रदर्शनियां आदि लगाना एवं इनके आयोजन में सहायता उपलब्ध कराना।
  2. चण्डीगढ़ की शहरी योजना एवं आर्किटेक्चर से जुड़े आर्किटेक्ट और ली-कार्बूजिए के कार्य का अध्ययन एवं उस पर शोध करना।
  3. चण्डीगढ़ को ध्यान में रखते हुए योजना एवं निर्माण क्रियाकलापों का अध्ययन एवं उन पर चर्चा करना।
  4. चण्डीगढ़ की योजना एवं आर्किटेक्चर से संबंधित कार्यों के दस्तावेज तैयार करना तथा उनका प्रकाशन करवाना।
  5. उपर्युक्त लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए धन राशि एवं निधियों के लिए अपील एवं आवेदन जारी करना तथा नगद एवं प्रतिभूति और चल अथवा अचल किसी भी प्रकार की संपत्ति को उपहार, दान अथवा सब्सक्रिप्शन के रूप में प्राप्त करना।
  6. समाज की निधि एवं धनराशि का निवेश करना और समय-समय पर इस प्रकार के निवेश को संशोधित एवं उसका स्थाकन परिवर्तन करना।
  7. समान उद्देश्यों वाले अन्य संस्थानों एवं सोसाइटियों के साथ सहयोग एवं समन्वय करना तथा उनके साथ सहसम्बरद्ध होना।