मत्स्य पालन

चण्डीगढ़ शहर में मत्स्य पालन के लिए पानी का मुख्य स्रोत सुखना झील है। सुखना झील, अन्य जल स्रोतों के साथ लगभग मिलकर 266 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति कर सकती है, जहां मत्स्य पालन किया जा सकता है। मत्स्य पालन विभाग का मत्स्य बीज फॉर्म सुखना झील के साथ ही स्थित है और यह वर्ष भर में 6।5 लाख मत्स्य बीज उत्पादित करता है। यह मछलियां सुखना झील, गांव के तालाबों और वन विभाग द्वारा निर्मित रोक बांधों में बनाए गए तालाबों में रखी गई हैं। वर्ष 1996 में विभाग ने सजावटी प्रजाति के मत्स्य बीज भी उत्पादित करना प्रारंभ कर दिया है, जिन्हें इसके शौकीन व्यक्तियों को बेचा जाता है।

विभाग द्वारा प्रतिवर्ष अनेक विस्तार एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। आमतौर पर यह कार्यक्रम ग्रामीण लोगों के लिए होते हैं, किंतु कुछ कार्यक्रम शौकीया फिश एक्वेरियम रखने वाले अथवा कांटा लगाकर मछली पकड़ने वाले इच्छुक व्यक्तियों के लिए भी आयोजित किए जाते हैं।
इस संबंध में मिट्टी एवं पानी के नमूनों की जांच के लिए एक छोटी प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है। यह विभाग पंजाब विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान विभाग के अनुसंधानकर्ताओं की भी सहायता करता है।